असली स्वतंत्रता क्या है?
i ) 15 अगस्त 2020 को हम आजादी की 74वी सालगीरा मनाने जा रहे हैं| अंग्रेजो द्वारा की गयी 200 साल की गुलामी की जन्जीर को तोड़ कर 1947 मे भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी| स्वतंत्रता की इस महा जंग ने आजादी तो दिलायी पर साथ बहुत कुछ छिना भी था| ये इतिहास के कई पन्नों मे मिल जायेगा जो की हमने एक न एक बार पढ़ा ही होगा| इस लड़ाई से भारत देश को आज़ादी तो मिल गयी और संविधान ने भी हमे बहुत कुछ दिया, पर क्या हमने अपने आप को स्वतंत्र किया ? अपने आंतरिक मन और मस्तिष्क को सुरज के डूबते शाम के खुले वातावरण सा महसुस किया| घुमना फिरना, मोज मस्ती का नाम ही आजादी नहीं है , स्वतंत्र होने का मतलब अपने व्यक्तित्व, आंतरिक, आध्यात्मिक एवं विचारों की आजादी के मोल का पता होना| अधिकांश लोगों को तो इसका पता भी नहीं होता है कि क्या उन्होने खुद को सम्पूर्ण स्वतंत्र किया भी या नहीं| आखिर यह स्वतंत्रता है क्या ?
ii ) अशान्ति, क्रोध, चिन्ता और अभिमान से मुक्त होकर हम शान्ति, मुस्कान और धैर्य को तराशने की कला एवं सदभक्ति (जो कि तत्व दर्शी संत के मिलने से ही संभव है) से परिपूर्ण हो जाये यही असली स्वतंत्रता है, जो की सफलता पाने के लिये भी बहुत सहायक सिद्ध होती है…
इस स्वतंत्रता का निर्माण चरित्र के निर्माण से होता है, और चरित्र का निर्माण सरल और सादगी भरे जीवन से| लड़ना सब को आता है माफ करना किसी किसी को, हराना सब को आता हैं, दिल जीतना किसी किसी को आता है, दुःख देना सबको आता है, बाँटना हजारों मे किसी एक को आता है| यही सब सिखना अपने जीवन को मुल बनाना स्वतंत्रता है | मनुष्य जीवन हर किसी को नहीं मिलता बहुत ही अनमोल योोिन मनुष्य जीवन की है सुुुुखमय जीवन यापन करने के लिए आप सभी अवश्य देखें साधना चैनल पर प्रसारित कार्यक्रम 7:30 प्रतिदिन रात्रि ।